नई दिल्ली। पौने दो लाख करोड़ रुपए के 2जी घोटाले के आरोपी ए. राजा को मंगलवार को जमानत मिल गई। दिल्ली की विशेष कोर्ट ने सीबीआई की आशंकाओं को खारिज करते हुए बेल आर्डर जारी किया। पूर्व दूरसंचार मंत्री राजा 15 महीने से (दो फरवरी 2011 से) तिहाड़ जेल में हैं। देर शाम वे तिहाड़ से बाहर आ गए।
राजा ने मामले के 13 सह-आरोपियों से समानता के आधार पर जमानत मांगी थी। इन सभी आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और निचली अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है। फैसले के बाद भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अभी इस घोटाले के महाराजा को पकड़ना भी बाकी है। वहीं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा कि घोटाले की जांच कमजोर कर दी गई है। कांग्रेस ने जमानत पर टिप्पणी से इंकार कर दिया।
क्या है मामला
कैग ने पूर्व दूरसंचार मंत्री राजा के कार्यकाल में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में सरकारी खजाने को 1.76 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया था। सीबीआई के अनुसार यह नुकसान 30 हजार करोड़ रुपए है। राजा के कार्यकाल में आवंटित सभी 122 लाइसेंस फरवरी में सुप्रीम कोर्ट रद्द कर चुका है।
सीबीआई ने किया था विरोध
सीबीआई ने राजा की जमानत याचिका का विरोध किया था। उसने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। यह भी कहा कि जांच में सामने आया है कि राजा और अन्य लोगों ने इस मामले में दो सौ करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी। राजा के मामले में समानता की दलील नहीं टिक सकती। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ज्यादा गंभीर हैं। लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को नहीं माना।
इन शर्तो पर मिली बेल
1. गवाह को धमकाने या लालच देने की कोशिश नहीं करेंगे।
2. कोर्ट की इजाजत बिना दूरसंचार विभाग, तमिलनाडु नहीं जाएंगे।
3. हर सुनवाई पर कोर्ट में पेश होंगे। गैरहाजिर पर इजाजत लेनी होगी।
4. पासपोर्ट जमा कराना होगा। नहीं है तो हलफनामा पेश करना होगा।
5. नियम तोड़ने पर सीबीआई पुनर्विचार याचिका दायर कर सकती है।
राजा ने मामले के 13 सह-आरोपियों से समानता के आधार पर जमानत मांगी थी। इन सभी आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और निचली अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है। फैसले के बाद भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अभी इस घोटाले के महाराजा को पकड़ना भी बाकी है। वहीं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा कि घोटाले की जांच कमजोर कर दी गई है। कांग्रेस ने जमानत पर टिप्पणी से इंकार कर दिया।
क्या है मामला
कैग ने पूर्व दूरसंचार मंत्री राजा के कार्यकाल में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में सरकारी खजाने को 1.76 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया था। सीबीआई के अनुसार यह नुकसान 30 हजार करोड़ रुपए है। राजा के कार्यकाल में आवंटित सभी 122 लाइसेंस फरवरी में सुप्रीम कोर्ट रद्द कर चुका है।
सीबीआई ने किया था विरोध
सीबीआई ने राजा की जमानत याचिका का विरोध किया था। उसने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। यह भी कहा कि जांच में सामने आया है कि राजा और अन्य लोगों ने इस मामले में दो सौ करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी। राजा के मामले में समानता की दलील नहीं टिक सकती। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ज्यादा गंभीर हैं। लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को नहीं माना।
इन शर्तो पर मिली बेल
1. गवाह को धमकाने या लालच देने की कोशिश नहीं करेंगे।
2. कोर्ट की इजाजत बिना दूरसंचार विभाग, तमिलनाडु नहीं जाएंगे।
3. हर सुनवाई पर कोर्ट में पेश होंगे। गैरहाजिर पर इजाजत लेनी होगी।
4. पासपोर्ट जमा कराना होगा। नहीं है तो हलफनामा पेश करना होगा।
5. नियम तोड़ने पर सीबीआई पुनर्विचार याचिका दायर कर सकती है।

No comments:
Post a Comment