रांची. शहर में 10 वर्ष पुराने ऑटो अब नहीं चलेंगे। एक जून से नए ऑटो को परमिट भी नहीं मिलेगा। 15 वर्ष पुराने व्यावसायिक वाहनों पर भी प्रतिबंध लगेगा। हाईकोर्ट ने इन निर्देशों को 31 जुलाई तक लागू करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मंगलवार को यह आदेश शहर की लचर ट्रैफिक व्यवस्था और बढ़ते प्रदूषण के मामले की सुनवाई के दौरान उच्चस्तरीय कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए दिया। मामले पर अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी। चीफ जस्टिस प्रकाश टाटिया और जस्टिस अपरेश सिंह की खंडपीठ को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कमेटी ने कहा है कि रांची नगर निगम सिटी बसों की संख्या बढ़ाएगा। शहर में फिलहाल 70 में से 50 सिटी बसें ही चल रही हैं। लो फ्लोर बसें चलाने के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी और नगर विकास विभाग प्राइवेट ऑपरेटरों से संपर्क कर रहा है।
लाभ क्या
इस नियम का पालन नहीं करने वालों से जिला प्रशासन हर्जाना वसूलेगा। बढ़ेगा राजस्व।
डीजल, पेट्रोल से वाहन चलाने वालों को एलपीजी का विकल्प मिलेगा। वायु प्रदूषण कम होगा।
डीजल ऑटो फैला रहे ज्यादा प्रदूषण
> डीजल ऑटो से सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलने से वायु प्रदूषण का स्तर निर्धारित मानक से काफी ज्यादा बढ़ा।
> दोपहिया वाहनों से औसतन 0.04 से लेकर 0.10 प्रतिशत तक कार्बन मोनो ऑक्साइड का उत्सर्जन।
कमेटी की अन्य सिफारिशें
>सिटी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
>सिटी बस और ऑटो के लिए स्टॉप चिह्नित होंगे।
>आरटीओ, जिला प्रशासन व नगर निगम मिलकर ऑटो, सिटी बस और व्यावसायिक वाहनों का रूट तय करेंगे।
मिलेगा पीयूसी सर्टिफिकेट
> ऑयल कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंप पर पॉल्यूशन टेस्टिंग सेंटर लगाए जाएंगे।
> पेट्रोल पंप पर गैस एनालाइजर और स्मोक मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
> वाहनों के प्रदूषण की जांच के बाद पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट मिलेगा।
बिना परमिट दौड़ रहे चार हजार ऑटो
> कोर्ट ने ऑटो के नए परमिट जारी करने का सुझाव खारिज किया
> कोर्ट का मानना है कि अब तक जारी परमिट पर्याप्त हैं।
> शहर में लगभग 6000 ऑटो। सिर्फ 2300 को परमिट।
> लगभग चार हजार ऑटो बिना परमिट दौड़ रहे हैं।
> परमिट वाले ऑटो ही चलें, इसके लिए सख्ती होगी।
ध्वनि प्रदूषण का स्तर भी दोगुना
> शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर औसतन रिसप्रेवल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम) 150 से 283 यूनिट है। सामान्य तौर पर यहां का आरएसपीएम 100 यूनिट होना चाहिए।
> इंडस्ट्रियल एरिया तुपुदाना और एचईसी सेक्टर तीन के इलाके में ध्वनि प्रदूषण का लेवल मानक से नीचे है।
पेट्रोल पंपों पर एलपीजी स्टेशन
> शहर के आठ पेट्रोल पंप पर नवंबर माह से एलपीजी मिलने लगेगी। पहले चरण में इंडियन ऑयल के चार, भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को दो-दो पेट्रोल पंप पर चालू होगी व्यवस्था।
> कंपनियों को पंप के समीप अतिरिक्तजमीन दी जाएगी। ऑटो व सिटी बस में एलपीजी किट लगाने के निर्देश
लाभ क्या
इस नियम का पालन नहीं करने वालों से जिला प्रशासन हर्जाना वसूलेगा। बढ़ेगा राजस्व।
डीजल, पेट्रोल से वाहन चलाने वालों को एलपीजी का विकल्प मिलेगा। वायु प्रदूषण कम होगा।
डीजल ऑटो फैला रहे ज्यादा प्रदूषण
> डीजल ऑटो से सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलने से वायु प्रदूषण का स्तर निर्धारित मानक से काफी ज्यादा बढ़ा।
> दोपहिया वाहनों से औसतन 0.04 से लेकर 0.10 प्रतिशत तक कार्बन मोनो ऑक्साइड का उत्सर्जन।
कमेटी की अन्य सिफारिशें
>सिटी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
>सिटी बस और ऑटो के लिए स्टॉप चिह्नित होंगे।
>आरटीओ, जिला प्रशासन व नगर निगम मिलकर ऑटो, सिटी बस और व्यावसायिक वाहनों का रूट तय करेंगे।
मिलेगा पीयूसी सर्टिफिकेट
> ऑयल कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंप पर पॉल्यूशन टेस्टिंग सेंटर लगाए जाएंगे।
> पेट्रोल पंप पर गैस एनालाइजर और स्मोक मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
> वाहनों के प्रदूषण की जांच के बाद पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट मिलेगा।
बिना परमिट दौड़ रहे चार हजार ऑटो
> कोर्ट ने ऑटो के नए परमिट जारी करने का सुझाव खारिज किया
> कोर्ट का मानना है कि अब तक जारी परमिट पर्याप्त हैं।
> शहर में लगभग 6000 ऑटो। सिर्फ 2300 को परमिट।
> लगभग चार हजार ऑटो बिना परमिट दौड़ रहे हैं।
> परमिट वाले ऑटो ही चलें, इसके लिए सख्ती होगी।
ध्वनि प्रदूषण का स्तर भी दोगुना
> शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर औसतन रिसप्रेवल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम) 150 से 283 यूनिट है। सामान्य तौर पर यहां का आरएसपीएम 100 यूनिट होना चाहिए।
> इंडस्ट्रियल एरिया तुपुदाना और एचईसी सेक्टर तीन के इलाके में ध्वनि प्रदूषण का लेवल मानक से नीचे है।
पेट्रोल पंपों पर एलपीजी स्टेशन
> शहर के आठ पेट्रोल पंप पर नवंबर माह से एलपीजी मिलने लगेगी। पहले चरण में इंडियन ऑयल के चार, भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को दो-दो पेट्रोल पंप पर चालू होगी व्यवस्था।
> कंपनियों को पंप के समीप अतिरिक्तजमीन दी जाएगी। ऑटो व सिटी बस में एलपीजी किट लगाने के निर्देश

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