NATIONAL-POLITICS-INTERNATIONAL-CITY-CRIME-LEGAL-ENTERTAINMENT

Wednesday, 16 May 2012

पुलिस ने गिरोह से 24 अभ्यार्थियों की डिटेल बरामद की है, जो उनकी मदद से परीक्षा में नकल कर रहे थे

दिल्ली
क्राइम ब्रांच ने एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड की भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो इस गिरोह के मुखिया व साजिशकर्ता हैं। जबकि, एक आरोपी ईएसआईसी कर्मचारी है। सभी आरोपी पढ़े-लिखे व अच्छी नौकरी में हैं, लेकिन रुपयों के लालच में यह धंधा कर रहे थे। पुलिस ने गिरोह से 24 अभ्यार्थियों की डिटेल बरामद की है, जो उनकी मदद से परीक्षा में नकल कर रहे थे। एक अभ्यर्थी से साढ़े तीन से साढ़े सात लाख रुपए तक में डील की गई थी।





क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजय कुमार जैन ने बताया कि रविवार को एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन में दिल्ली के लिए सोशल सिक्योरिटी असिस्टेंट के पद के लिए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक के बीच थी। दिल्ली में परीक्षा के 18 केंद्र थे, जिसमें लगभग 26 हजार 700 उम्मीदवारों ने भाग लिया था। रविवार सुबह लगभग 11:15 बजे एसआईटी की इंस्पेक्टर आरती शर्मा की टीम को सूचना मिली कि सुलतानपुरी के कराला में स्थित नाई फाउंडेशन स्कूल के अंदर बैठकर कुछ युवक ईपीएफ की भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र हल कर रहे हैं। इस पर एसआई रजनीश शर्मा, हवलदार अमित तोमर आदि की टीम ने छापेमारी कर सात लोगों को पकड़ा, जो प्रश्न पत्र हल करने के बाद उनके उत्तर एसएमएस के माध्यम से अभ्यार्थियों को पहुंचा रहे थे।





आरोपियों की पहचान राहुल यादव (22), राम कुमार (26), विजय कुमार (32), सुनील कुमार (32), मनोज कुमार (27), यशपाल (34) व देवेश दिनकर (27) के रूप में की गई। पूछताछ में पता चला कि राहुल, राम कुमार व सुमित इस गिरोह के मुखिया व साजिश कर्ता हैं, लेकिन सुमित अभी फरार है। पुलिस ने उनके पास से प्रश्न पत्र की फोटोकॉपी, सात मोबाइल, कैलकुलेटर व किताबें आदि बरामद की हैं। पुलिस अब अभ्यार्थियों का पता लगा रही है। सभी के मोबाइल नंबर व प्रवेश पत्र की फोटो कॉपियां जब्त कर ली गई हैं। 






ऐसे करा रहे थे नकल

नकल के इस गोरखधंधे में मुख्य भूमिका निभाने वाले राहुल, राम कुमार व सुमित ने नकल का फुलप्रूफ प्लान बनाया था, जिसके तहत सुमित ने एम्पलाई स्टेट इंश्योरेंस कॉपरेरेशन में सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर तैनात यशपाल सिंह से संपर्क कर सांठगांठ की। जबकि, राहुल व राम कुमार ने बाहरी दिल्ली व हरियाणा में रहने वाले अभ्यार्थियों से संपर्क किया और उन्हें परीक्षा में पास कराने की गारंटी दी। अभ्यर्थियों की आर्थिक स्थिति के अनुसार उनसे साढ़े तीन लाख से साढ़े सात लाख रुपए मांगे गए थे। 





इसके अलावा, सभी अभ्यार्थियों से कहा गया था कि वे चोरी छुपे मोबाइल अपने साथ अंदर ले जाएं। एसएमएस के माध्यम से उनके पास उत्तर पहुंच जाएंगे। वहीं, सुमित ने यशपाल के माध्यम से पीतमपुरा में स्थित परीक्षा केंद्र से प्रश्न पत्र की फोटोकॉपी बाहर निकलवाने की साजिश रची। इसके तहत परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी बाहर पहुंचा दी गई। प्रश्न पत्र को लेकर ये लोग कराला आ गए, जहां पर अन्य चार साथियों की मदद से प्रश्न पत्र हल करने के साथ-साथ उनके उत्तर एसएमएस के माध्यम से अभ्यार्थियों को पहुंचाए जा रहे थे। आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि प्रश्न हल करने के लिए अपने साथियों को इन लोगों ने 25 से 30 हजार रुपए देने का वादा किया था।

No comments:

Post a Comment