चेन्नै।। शाहरुख खान के कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल के नए चैंपियन बन गए हैं। आईपीएल-5 के धड़कनें तेज कर देने वाले फाइनल में कोलकाता नाइट राइडर्स ने दो बार के चैंपियन चेन्नै सुपर किंग्स को 5 विकेट हराकर खिताब अपने नाम किया।
इसके साथ ही चेन्नै की खिताबी हैट-ट्रिक का सपना टूट गया। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए चेन्नै ने कोलकाता के सामने 191 रन का टारगेट रखा था। जवाब में कोलकाता ने 5 विकेट पर दो गेंद बाकी रहते टारगेट हासिल कर लिया।
केकेआर को आखिरी दो ओवर में 20 रन चाहिए थे। कालिस की मांसपेशी खिंचने और उनके बेन हिल्फेनहॉस की गेंद पर आउट होने से चेन्नै की उम्मीदें जग गईं। जब वह डगआउट में लौट रहे थे तब केकेआर को सात गेंद पर 16 रन की दरकार थी, लेकिन हिल्फेनहॉस की नोबॉल और शाकिब अल हसन (7 बॉल पर नॉटआउट 11) के चौके से स्थिति सुधर गई।
इसके बाद कोलकाता को आखिरी ओवर में जीत के लिए 9 रन चाहिए थे। पहली बॉल पर एक रन बना। दूसरी बॉल पर भी एक रन बना। तीसरी और चौथी बॉल पर मनोज तिवारी ने चौका जड़कर कोलकाता को खिताबी जीत दिला दी।
चेन्नै सुपरकिंग्स का यह चौथा आईपीएल फाइनल था और उसने हर बार पहले बल्लेबाजी की। महेंद्र सिंह धोनी ने फिर यह परंपरा कायम रखी। माइकल हसी (43 बॉल पर 54 रन) और मुरली विजय (32 बॉल पर 42 रन) ने पिछले साल के फाइनल की तरह टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। बाद में रैना (38 बॉल पर 73 रन) ने पांच छक्के जड़कर टीम को तीन विकेट पर 190 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
केकेआर की जीत के हीरो सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिस्ला रहे। उन्होंने 48 गेंद पर आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से 89 रन बनाए। जाक कालिस ने 49 बॉल पर 69 रन की पारी खेली। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन की पार्टनरशिप की जो आखिर में निर्णायक साबित हुई। केकेआर ने 19.4 ओवर में पांच विकेट पर 192 रन बनाकर चेन्नै के स्कोर को बौना साबित कर दिया।
गौतम गंभीर की अगुआई वाली केकेआर की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी और उसी में चैंपियन बनने में सफल रही। अंतिम क्षणों में हालांकि मैच काफी रोमांचक बन गया था, लेकिन आखिर में शाहरुख की बेटी सुहाना केकेआर के लिए भाग्यशाली साबित हुई। सुहाना जिस मैच में भी मौजूद रहीं, उसमें केकेआर को जीत मिली।
इसके साथ ही चेन्नै की खिताबी हैट-ट्रिक का सपना टूट गया। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए चेन्नै ने कोलकाता के सामने 191 रन का टारगेट रखा था। जवाब में कोलकाता ने 5 विकेट पर दो गेंद बाकी रहते टारगेट हासिल कर लिया।
केकेआर को आखिरी दो ओवर में 20 रन चाहिए थे। कालिस की मांसपेशी खिंचने और उनके बेन हिल्फेनहॉस की गेंद पर आउट होने से चेन्नै की उम्मीदें जग गईं। जब वह डगआउट में लौट रहे थे तब केकेआर को सात गेंद पर 16 रन की दरकार थी, लेकिन हिल्फेनहॉस की नोबॉल और शाकिब अल हसन (7 बॉल पर नॉटआउट 11) के चौके से स्थिति सुधर गई।
इसके बाद कोलकाता को आखिरी ओवर में जीत के लिए 9 रन चाहिए थे। पहली बॉल पर एक रन बना। दूसरी बॉल पर भी एक रन बना। तीसरी और चौथी बॉल पर मनोज तिवारी ने चौका जड़कर कोलकाता को खिताबी जीत दिला दी।
चेन्नै सुपरकिंग्स का यह चौथा आईपीएल फाइनल था और उसने हर बार पहले बल्लेबाजी की। महेंद्र सिंह धोनी ने फिर यह परंपरा कायम रखी। माइकल हसी (43 बॉल पर 54 रन) और मुरली विजय (32 बॉल पर 42 रन) ने पिछले साल के फाइनल की तरह टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। बाद में रैना (38 बॉल पर 73 रन) ने पांच छक्के जड़कर टीम को तीन विकेट पर 190 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
केकेआर की जीत के हीरो सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिस्ला रहे। उन्होंने 48 गेंद पर आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से 89 रन बनाए। जाक कालिस ने 49 बॉल पर 69 रन की पारी खेली। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन की पार्टनरशिप की जो आखिर में निर्णायक साबित हुई। केकेआर ने 19.4 ओवर में पांच विकेट पर 192 रन बनाकर चेन्नै के स्कोर को बौना साबित कर दिया।
गौतम गंभीर की अगुआई वाली केकेआर की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी और उसी में चैंपियन बनने में सफल रही। अंतिम क्षणों में हालांकि मैच काफी रोमांचक बन गया था, लेकिन आखिर में शाहरुख की बेटी सुहाना केकेआर के लिए भाग्यशाली साबित हुई। सुहाना जिस मैच में भी मौजूद रहीं, उसमें केकेआर को जीत मिली।

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