एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि बाहर से कहीं अधिक उनकी पार्टी में ही उनके दुश्मन हैं। उन्हीं की वजह से एमएनएस मुंबई महानगरपालिका में 75 सीटें जीतने का अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाई।
एमएनएस को अपेक्षित सफलता हासिल नहीं हुई, इसके मद्देनजर राज ठाकरे ने पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया था। उसी को संबोधित करते हुए एमएनएस प्रमुख ने कहा, 'पार्टी ने ए-कैटिगरी की 70 से 75 सीटें जीतने का अंदाज लगाया था। कुछ को टिकट नहीं मिले, इसलिए चुनाव में काम नहीं किया। कुछ ने गुटबाजी की, कुछ ने दगाबाजी। इसकी जानकारी मेरे पास है। आपसे में दूसरे को हराने की होड़ की वजह से मेरा अंदाज चूक गया।' उन्होंने कहा, 'जिन्होंने गद्दारी की है, उनकी सफाई करने के बाद ही पार्टी आगे का काम शुरू करेगी।'
अच्छे काम के लिए आदेश क्यों?
एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने पदाधिकारियों की अच्छी-खासी खिंचाई की है। राज बोले, 'अच्छा काम करने के लिए आपको पार्टी के आदेश की जरूरत क्यों पड़ती है? इस बार गांव जाने की बजाए सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा कीजिए। समाज सेवा करते समय घर को नजरअंदाज करके समाज की ओर बढ़ना होता है। इसके लिए हर बार सम्मेलन बुलाकर इंजेक्शन देने की जरूरत क्यों पड़ती है?
एमएनएस को अपेक्षित सफलता हासिल नहीं हुई, इसके मद्देनजर राज ठाकरे ने पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया था। उसी को संबोधित करते हुए एमएनएस प्रमुख ने कहा, 'पार्टी ने ए-कैटिगरी की 70 से 75 सीटें जीतने का अंदाज लगाया था। कुछ को टिकट नहीं मिले, इसलिए चुनाव में काम नहीं किया। कुछ ने गुटबाजी की, कुछ ने दगाबाजी। इसकी जानकारी मेरे पास है। आपसे में दूसरे को हराने की होड़ की वजह से मेरा अंदाज चूक गया।' उन्होंने कहा, 'जिन्होंने गद्दारी की है, उनकी सफाई करने के बाद ही पार्टी आगे का काम शुरू करेगी।'
अच्छे काम के लिए आदेश क्यों?
एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने पदाधिकारियों की अच्छी-खासी खिंचाई की है। राज बोले, 'अच्छा काम करने के लिए आपको पार्टी के आदेश की जरूरत क्यों पड़ती है? इस बार गांव जाने की बजाए सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा कीजिए। समाज सेवा करते समय घर को नजरअंदाज करके समाज की ओर बढ़ना होता है। इसके लिए हर बार सम्मेलन बुलाकर इंजेक्शन देने की जरूरत क्यों पड़ती है?

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