प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोयला ब्लॉक आवंटन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा की जा रही उनके इस्तीफे की मांग शुक्रवार को खारिज कर दी। मनज्ञात हो कि कोयला ब्लॉक आवंटन के मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही पिछले सप्ताह से नहीं चल पा रही है। मनमोहन ने यह भी कहा कि भाजपा को शक्ति परीक्षण के लिए 2014 में होने वाले अगले आम चुनाव तक इंतजार करना होगा।
प्रधानमंत्री ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नाम) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद तेहरान से लौटते समय रास्ते में अपने विशेष विमान में संवाददाताओं से कहा कि यदि मैं इस्तीफा दे रहा होता तो मैं यहां नहीं होता।
मनमोहन ने कहा कि भाजपा मुद्दे को भटकाने के तरीके अपना रही है। यह सब करने में वह हमेशा बुनियादी कर्तव्यों से भटक जाती है। उन्होंने कहा कि मैं आशा करता हूं कि विपक्ष समझेगा। मैं आशा करता हूं कि भाजपा जनता के फैसले का सम्मान करेगी और सरकार को कामकाज करने देगी। जनता ने इस सरकार को पांच साल के लिए चुना है। मैं आशा करता हूं कि भाजपा इस फैसले का सम्मान करेगी और संसद को चलने देगी। यदि वे इसे अपने तरीके से चलाना चाहेंगे तो यह लोकतंत्र को नकारना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष को हमें उस तरीके से काम करने का एक मौका देना चाहिए, जिस तरीके से देश की बुनियादी समस्याएं सुलझाई जा सकती हैं। मनमोहन ने कहा कि हमें जरूरी चीजों पर ध्यान केंद्रित करने दें और शक्ति परीक्षण के लिए अगले चुनाव तक इंतजार करें। हम लोकतंत्र का लगातार मजाक नहीं बना सकते।
प्रशासन के क्षेत्र में उनके अफसोस के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कई अफसोस हैं। उन्होंने कहा कि ढेर सारे काम हैं, जिन्हें हम करना चाहेंगे। निश्चिततौर पर नौ प्रतिशत विकास दर की बुनियाद पड़ी होती, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों ने साथ नहीं दिया, घरेलू नीति में सहमति का अभाव रहा। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) को लेकर मतभेद हैं। यह तय है कि इससे जीडीपी में एक-दो प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, कर प्रणाली चुस्त हो सकती है और कर चोरी के मौके न्यूनतम हो सकते हैं। लेकिन यहां कई सारी समस्याएं हैं।मोहन ने इसके साथ ही विपक्ष पर ध्यान भटकाने की युक्तियां अपनाने का आरोप लगाया।
.jpg)
No comments:
Post a Comment