लता मंगेशकर भी थी नूरजहां से प्रभावित
वर्ष 1930 में नूरजहां को इंडियन पिक्चर के बैनर तले बनी एक मूक फिल्म 'हिन्द के तारे' में काम करने का मौका मिला. इसके कुछ समय के बाद उनका परिवार पंजाब से कोलकाता चला आया. इस दौरान उन्हें करीब 11 मूक फिल्मों मे अभिनय करने का मौका मिला. वर्ष 1931 तक नूरजहां ने बतौर बाल कलाकार अपनी पहचान बना ली थी. वर्ष 1932 में प्रदर्शित फिल्म 'शशि पुन्नु' नूरजहां के सिनेमा करियर की पहली टॉकी फिल्म थी.

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